अमेरिका और सऊदी अरब ने सऊदी अरब में नागरिक परमाणु कार्यक्रम विकसित करने के लिए एक शांतिपूर्ण परमाणु सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते में द्विपक्षीय सुरक्षा उपाय शामिल हैं, जिसका उद्देश्य अमेरिकी कंपनियों को सऊदी ऊर्जा क्षेत्र में प्रवेश दिलाना और दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी के लिए कानूनी आधार तैयार करना है। अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने कहा कि यह समझौता परमाणु सुरक्षा और अप्रसार के उच्च मानकों का पालन करता है।
हालांकि समझौते का पूर्ण विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन रिपोर्टों के अनुसार इसमें सऊदी अरब को बिजली संयंत्रों के लिए घरेलू स्तर पर यूरेनियम संवर्धन की अनुमति मिल सकती है। इस प्रावधान पर विशेषज्ञों और सांसदों ने चिंता जताई है। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने समझौते का बचाव करते हुए कहा कि इससे परमाणु प्रसार का कोई खतरा नहीं है।
यह समझौता अब अमेरिकी कांग्रेस की अनिवार्य समीक्षा प्रक्रिया से गुजरेगा, जहां इसे कुछ डेमोक्रेटिक सांसदों के विरोध का सामना करना पड़ सकता है। वर्षों की पैरवी के बाद हुए इस समझौते में इजरायल के साथ संबंधों को सामान्य करने की पूर्व शर्त को शामिल नहीं किया गया है।
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